मैं गिटार हूं

मैं कलमकार हूं
मैं गिटार हूं
सुननी ही कोई झंकार
तो छुओ कोई तार
बेखयाली में झनझना दो
दिमाग को सनसना दो
मैं जितना अंदर से टूटूंगा
उतना ही मैं फूटूंगा
तुम सोचो मत
हांथो को रोको मत
जो चाहे सो कर दो
दर्द से मेरा दामन भर दो
मैं कलम चलता जाऊंगा
दुखड़े गाता मैं जाऊंगा
जिस दिन भी खुद को पाना
उस दिन मुझपर रहम छोड़ना
छोड़ देना मुझे ऐसे ही
जैसे हूं बिल्कुल वैसे ही
मैं जितना जलता जाऊंगा
उतना रौशन हो खिलता जाऊंगा
मैं कलमकार हूं
मैं गिटार हूं

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