फ़र्ज़ करो

फ़र्ज़ करो हम चुप हो जाएं ।
और कभी भी बोलें ना ।।

फ़र्ज़ करो कुछ ऐसे सोएं ।
फिर कभी हम डोलें ना ।।

फ़र्ज़ करो हम इश्क कहें ।
और वादे से हट जाएं ।।

फ़र्ज़ करो हम फोटो में साथ रहें।
असल जिंदगी में बंट जाएं ।।

फ़र्ज़ करो एक बार मिलें फिर ।
अजनबियों जैसे होकर ।।

फ़र्ज़ करो फिर वही झिझक हो ।
रातें गुजरें बिन सोकर ।।

फ़र्ज़ करो ये आग इश्क की ।
जले जरा धीमे - धीमे ।।

फ़र्ज़ करो दिल जुड़ जाएं फिर ।
इस सीने से उस सीने ।।

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