कहर यानी आमिर

एक बाएं हाथ का तेज गेंदबाज, जोकि अंडर नाइनटीन खेलने से पहले ही पाकिस्तान के सबसे बड़े तेज गेंदबाज वसीम अकरम के द्वारा टीम में बुला लिया जाता है, जिसके बारे में वसीम अकरम खुद कहते हैं कि यह मुझसे भी ज्यादा चालाक है जितना में 18 साल की उम्र में हुआ करता था, अंडर-19 पाकिस्तान टीम के इंग्लैंड दौरे पर 16 के औसत से विकेट लेकर पूरे क्रिकेट जगत में तहलका मचा देता है यह तेज गेंदबाज, 2009 पाकिस्तान डोमेस्टिक क्रिकेट में 55 विकेट लेकर सारे दिग्गजों की निगाह में छा जाता है यह तेज गेंदबाज,

कैरियर शुरू होता है उसका श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 6 विकेट लेकर, ऑस्ट्रेलिया का एमसीजी क्रिकेट ग्राउंड और मोहम्मद आमिर का पहला 5 विकेट हॉल, इंग्लैंड का ओवल क्रिकेट ग्राउंड जहां 52 रन देकर 5 विकेट और 9 साल के लंबे अंतराल के बाद पाकिस्तान पहली बार इंग्लैंड में जीत हासिल करता है, इस तेज गेंदबाज का नाम लॉर्ड्स हॉनर बोर्ड पर भी लिखा जाता है जहां ये 84 रन देकर 6 विकेट हासिल करता है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ आबू धाबी में मोहम्मद आमिर का सईद अजमल के साथ 10 में विकेट के लिए टिके रहना जहां जाकर मोहम्मद आमिर में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों के सामने 103 रन मारे, जो की मात्र दूसरी दसवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी थी, जिसने की मोहम्मद आमिर के गेंद की धार के साथ साथ बल्ले की कहर को भी दिखा दिया.

न्यूज़ ऑफ द वर्ड टैबलॉयड नामक समाचार एजेंसी की एक खुफिया रिपोर्ट सामने आती है जिसमें की इस तेज गेंदबाज समेत इसके टीममेट्स मोहम्मद आसिफ पर पैसे लेकर नो बॉल फेंकने का आरोप लगता है जो कि सीधा सट्टेबाजों से जुड़ा हुआ होता है और आईसीसी की अपराध नियामक शाखा ने एंटी करप्शन कोड के तहत मोहम्मद आमिर पर 5 साल का क्रिकेट से बैन लगा दिया, स्विट्ज़रलैंड स्थित आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में भी वह खिलाड़ी अपील करता है, अदालत आमिर को फेल्थाम स्थित यंग ऑफेंडर्स इंस्टीट्यूशन 6 माह के लिए और डोरसेट स्थित यंग ऑफेंडर्स इंस्टीट्यूशन भेज देती है और 2012 की शुरुआत में उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल जाती है.

उसे अदालत की कागजी अनुमति तो मिल गई लेकिन जिन फैंस का दिल दुखाया था उनके दिल में दोबारा जगह पाने की अनुमति उसे अब तक नहीं मिली थी टीम में अब उसका सामना अपने से छोटे और युवा तेज गेंदबाजों से था जो लगातार पाकिस्तान के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे ऐसे हालात में उस खिलाड़ी के लिए जगह बना पाना बेहद मुश्किल था लेकिन 2016 साल उसके लिए एक बार फिर से उसका वह दौर वापस लेकर आया जिसके लिए वह खिलाड़ी जाना जाता था भारत पाकिस्तान मैच एशिया कप उसकी धुआंधार इन स्विंगर और तीखे यॉर्कर जिन्होंने भारत के शीर्ष क्रम को तहस-नहस करके रख दिया, क्या हुआ रोहित शर्मा, क्या विराट कोहली, जो भी रास्ते में आया उसका सूपड़ा साफ, मोहम्मद आमिर नाम का तूफान आकर भारतीय खिलाड़ियों के दिन से जा चुका था और 2016 का एशिया कप भी, मोहम्मद आमिर के इस कहर ने दोबारा उसके चाहने वालों और विरोधियों दोनों के दिल में खलबली मचानी शुरू कर दी, और मोहम्मद आमिर दोबारा अपने बड़े वालों को छोटा करके अपना नाम बड़ा करने 22 गज की पट्टी पर अपनी गेंद से कहर ढाने को तैयार था.

एक शेर याद आता है...

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में ।
वो तिफ़्ल क्या गिरेगा जो घुटनों के बल चले ।।

साल बीते, खेल बदला, खेलने वाले बदले लेकिन जो नहीं बदला वही है कि मोहम्मद आमिर का बड़े खेल में बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन, 247 विकेट ले चुका ये गेंदबाज वर्ल्ड कप 2019 में अपना कहर ढा रहा है, साल 2018 इस गेंदबाज के लिए कुछ खास नहीं गुजरा और टीम में जगह पाने की उम्मीद भी खो चुके इस गेंदबाज का सिलेक्शन हुआ वर्ल्ड कप स्क्वाड में और, और, और वर्ल्डकप 2019 का पाकिस्तान का पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ आमिर 6 ओवर 26 रन 3 विकेट, अगला इंग्लैंड के खिलाफ 10 ओवर 67 रन 2 विकेट, वर्ल्ड कप का अगला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहम्मद आमिर का वर्ल्ड कप का पहला 5 विकेट हॉल 10 ओवर 30 रन 5 विकेट, विश्व कप फाइनल से भी बड़ा मुकाबला यानी भारत बनाम पाकिस्तान मोहम्मद आमिर 10 ओवर 47 रन 3 विकेट....
विश्व कप बाकी है यह कारवां अभी और लंबा बाकी है, मोहम्मद आमिर नाम का तूफान इस पूरे वर्ल्ड कप में छाया रहने वाला है, मैंने कभी बाएं हाथ से गेंदबाजी नहीं की लेकिन मैं मानता हूं कि अगर मुझे जहीर के बाद किसी की बाएं हाथ से निकली दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए इन स्विंगर से मोहब्बत हुई तो ना वो जॉनसन हैं ना स्टार्क वो बस वही गेंदबाज है, जिसे विराट कोहली नेट प्रैक्टिस में अपना बल्ला दे देते हैं, जिस की गेंद पर रोहित शर्मा आउट होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसको शुभकामनाएं देते हैं, जिसके जितने चाहने वाले पाकिस्तान में होंगे शेन वॉटसन और रिकी पोंटिंग के मुंह पर बाउंसर मारने के बाद हिन्दुस्तान के कम दिल उसके लिए नहीं धड़कते होंगे, और मेरे दिल में हमेशा मलाल रहेगा कि मैंने क्यों बाएं हाथ से गेंदबाजी नहीं की, शायद मैं अमीर को कॉपी करता और वैसा ही कहर अपने खेल के मैदान पे ढा पाता.

ये वर्ल्ड कप बहुत बड़ा है और पाकिस्तान अपने सबसे मजबूत तेज गेंदबाजी क्रम के बावजूद इस वर्ल्ड कप का कोई भी दावेदार नहीं है और मैं कभी दुआ भी नहीं करूंगा कि पाकिस्तान की टीम वर्ल्ड कप फाइनल और वर्ल्ड कप ट्रॉफी की दावेदार लेकिन यह दुआ ज्यादती होगी लेकिन फिर भी है कि मोहम्मद आमिर पूरा वर्ल्ड कप खेलें, और इंग्लैंड की उछाल भरी पिच पर अपने करतब से एक बार फिर यह साबित करें कि तेज गेंदबाजी क्या होती है और कैसे होती है.

Anurag Mishra

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