हर हार, हार नहीं होती

प्रेम में विरह का क्रम अनवरत है

जिसे हम चाहते हैं, वो हमें नहीं मिलता और हमें जो चाहता है हम उसको नहीं मिलते

यह स्वीकार्यता आनी चाहिए, हर चीज हासिल ही नहीं होती... जिंदगी को पूरा कुछ अधूरी ख्वाहिशें भी बनाती हैं

अगर हमें सफर करना है तो मंजिल भी दिखनी चाहिए, वही जो हासिल नहीं होता वही हमारे सफर की वजह बन जाता है

जरूरी नहीं कि, जो चेहरा, जो किरदार हमें दूर से देखने पर अच्छा लग रहा है वह करीब आने पर वैसा ही रहे

अब शायरों के महबूब चांद को ही ले लो, गुजरे जमाने के हर मोहब्बत के शायर की एक आसक्ति चंद्रमा भी थी, लेकिन विज्ञान ने ये साबित कर दिया कि, चांद भी ऐसे ही है, जहां जमीन काली है, बंजर है, बियाबान है, जहां जीवन संभव नहीं है

यही होता है अधिकतर हासिल के बाद का मंजर

उदासी बुरी नहीं है

जब जमीन उदास रहती है, तो जमीन के ऊपर वाले खुश रहते हैं, जिस दिन जमीन मुस्कुराती है उस दिन बेगुनाह बस्तियां उसमें दफन हो जाती हैं और वही जमीन कब्रगाह बन जाती है

मोहब्बत का भी कुछ ऐसा ही है...

मौत को चाहा हमने, जिंदगी ने हमको
फिलहाल आलम है, हम दोनों तन्हा हैं

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