जीना यहां, मरना यहां : जोकर
मैं अभी-अभी सर्कस के कहकहों से बाहर आया और बाहर पेड़ के नीचे खड़ा हुआ तो किसी के सिसकने की आवाज आई आसपास देखा तो कोई नहीं था आवाज फिर भी आ रही थी थोड़ा आसपास देखना शुरू किया तो बाजू से तीसरे वाले पेड़ के पास एक जोकर रो रहा था पास जाकर पूछा भाई क्या हुआ क्यों रो रहे हो उसने कहा मेरा एक 8 साल का बच्चा है खो गया है और मैं ढूंढने के लिए जाना चाहता हूं सर्कस वाले छुट्टी नहीं दे रहे हैं क्योंकि आज दो शोज थे तो कह रहे हैं कि जोकर का ही तो बच्चा है कौन लेकर जाएगा
और मैं यह नौकरी छोड़ नहीं सकता क्योंकि मुझे लोगों को हंसाने के अलावा कुछ नहीं आता
खैर बात आई गई हो गई और शाम को दूसरा शो भी लग गया मैं कौतूहल वश गया था कि देखता हूं यह जोकर अब क्या करता है मैंने देखा स्टेज पर जोकर रोए जा रहा था और लोग हंस रहे थे, शो खत्म होने के बाद मैंने जो कर से पूछा लोग हंस क्यों रहे थे, जबकि तुम तो रो रहे थे, उसने जवाब दिया क्योंकि लोगों को लग रहा था मैं कोई परफॉर्मेंस कर रहा हूं
मैंने जो कर से कहा अपने कपड़े मुझे दो मेरा मेकअप कर दो और जाओ तुम अपने बेटे को ढूंढो, क्योंकि घर वाले भी साथ थे तो सारे लोग परेशान हो गए लेकिन फिर भी मैंने उनको राजी कर लिया
मुझे कर चला गया और शायद उसने मालिक को बता दिया था कि कोई नया जोकर आएगा आज रिंग में, खैर मैं डरा सहमा गया उल्टी-सीधी हरकतें की लेकिन लोगों को खूब हंसाया, लोग खुश हुए मालिक खुश हुआ, शो खत्म होने के बाद ₹300 मेहनताना मिला, और पचास रुपए इनाम, और कहा कल से तुम ही आना.
उसके बाद वो जोकर लौट के नहीं आया शायद उसका बेटा मिला नहीं मैं शहर भर में कहने को मशहूर पर घर की निगाहों में बदनाम हुआ, घर से निकाला गया, शादी टूट गई, दाने को मोहताज हुआ लेकिन मैंने एक ही चीज सीखी दुखी इंसानियत की खिदमत करना इससे बड़ी बात क्या हो सकती है, और तमाम उम्र एक ही गाना गाया जो वो जोकर गाता हुआ गया था,
जीना यहाँ मरना यहाँ
इसके सिवा जाना कहाँ
जी चाहे जब हमको आवाज़ दो
हम हैं वहीं हम थे जहाँ
जीना यहाँ मरना यहाँ ...
अनुराग मिश्रा
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